भाषा चुन लें:   हिन्दी  |  अंग्रेजी
 
खोज
मुख पृष्ठ  -  अध्यक्ष के लिए  -  भाषण
 
  भाषण
संदेश
प्रस्तुतिकरण
  चित्रशाला
 
अध्यक्षीय संबोधन

23वीं वार्षिक आम बैठक के अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन

सज्जनों एवं देवियों, नमस्कार,

आज, शुक्रवार, 26 अगस्त,2011 को संपन्न होने जा रही 23वीं वार्षिक आम बैठक में मैं निदेशक मण्डल तथा प्रबंधन की ओर से आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। कार्यसूची पर चर्चा करने से पहले मैं, भारत सरकार द्वारा मुझे निदेशक (विद्युत) के प्रभार के अलावा दिनांक 01.03.2011 से कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रभार सौंपने हेतु उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।

वर्ष 2010-11 के परीक्षित लेखे सहित लेखा परीक्षकों एवं निदेशक मण्डल की रिपोर्ट आपके पास पहले से ही उपलब्ध हैं तथा आपकी अनुमति से मैं इसे पढ़ा हुआ मान लेता हूँ।

 वर्ष 2010-11 की प्रमुख उपलब्धियाँ
देश में वर्ष 2010-11 के दौरान कुल 811.143 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ, जो गत वर्ष 2009-10 के 771.551 बिलियन यूनिट की तुलना में 5.13औ अधिक था, जिसमें जल विद्युत उत्पादन के योगदान में 9.97औ वृद्धि दर्ज हुई है। गत वर्ष के 7018.81 मिलियन यूनिट के मुकाबले वर्ष 2010-11 के दरम्यान 7140.205 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करके आपकी कंपनी ने इस वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह उत्पादन और अधिक हो सकता था यदि मानसूनी मौसम के दौरान सतलुज नदी की जलराशि में सिल्ट की भारी मात्रा की वजह से नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन 22 दिन बन्द न रहा होता। इसके बावजूद 98औ संयंत्र उपलब्धता फैक्टर हासिल किया गया। नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन की डिजाइन विद्युत 6612 मिलियन यूनिट एवं सामान्य क्षमता इन्डेक्स 82औ है। इन दो लक्ष्यों की तुलना में हमारा निष्पादन शानदार रहा है, जिसके नतीजन वर्ष 2010-11 के दौरान रु216 करोड़ की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्राप्त हुई है। वार्षिक संयंत्र अनुरक्षण गत वर्ष के 10 दिन की तुलना में 2010-11 के दौरान 8.43 दिन में ही पूरा कर लिया गया।

जहां तक वित्तीय निष्पादन का संबंध है, आपकी कंपनी ने गत वर्ष के रु 972.74 करोड़ की तुलना में करोपरान्त रु 912.13 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया है तथा आपके निदेशक मण्डल ने वर्ष 2009-10 के रु 328.20 करोड़ की तुलना में रु 330.93 करोड़ के लाभांश की संस्तुति की है।

 वर्ष 2011-12 की मुख्य विशेषताएँ
30 जून,2011 को समाप्त प्रथम तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा 14 जुलाई,2011 को की गई। पहली तिमाही के दौरान विद्युत उत्पादन गत वर्ष की इसी अवधि के 2424.57 मिलियन यूनिट की तुलना में 2650.53 मिलियन यूनिट रहा। 15 अगस्त,2011 तक विद्युत उत्पादन गत वर्ष की इसी अवधि के 3509 मिलियन यूनिट की तुलना में 4296 मिलियन यूनिट रहा। कंपनी का कर उपरांत शुद्ध लाभ जून,2010 को समाप्त पहली तिमाही के रु 290.76 करोड़ की तुलना में रु 348.21 करोड़ रहा। इस प्रकार हम बिजली के बेहतर उत्पादन के जरिए राजस्व अर्जन में साल-दर-साल वृद्धि करने के भरसक प्रयास कर रहे हैं।

निदेशकों की वर्ष 2011 की रिपोर्ट में निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति पर पर्याप्त प्रकाश डाला गया है, अतः मैं यहां यह बताना चाहूंगा कि रामपुर जल विद्युत परियोजना (412 मेगावाट) को सितंबर, 2013 तक कमीशन करने हेतु सभी उपाय किए गए हैं। जहाँ तक अन्य परियोजनाओं का सवाल है, यानि हिमाचल प्रदेश में स्थित दो परियोजनाएँ लूहरी (775 मेगावाट); धौलासिद्ध (66 मेगावाट), उत्तराखण्ड में स्थित सभी तीन परियोजनाएँ देवसरी (252 मेगावाट); नैटवार मोरी (60 मेगावाट); जाखोल सांकरी (51 मेगावाट); नेपाल की अरूण-III (900 मेगावाट) तथा भूटान में परामर्शी परियोजनाएँ यानि खोलोंग्चू जलविद्युत परियोजना (600 मेगावाट) एवं वांगचू जलविद्युत परियोजना (600 मेगावाट) पूर्णता की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं में हैं तथा निदेशकों की रिपोर्ट में इनके विषय में विस्तार से उल्लेख किया गया है।

कारोबारी परिदृश्य

योजना आयोग द्वारा मंजूर किए गए कार्यक्रम के मुताबिक 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) के दौरान 78,700 मेगावाट की वृद्धि प्रस्तावित है, जिसमें जलविद्युत क्षेत्र से 15,627 मेगावाट का योगदान अपेक्षित है। यथाप्रस्तावित वृद्धि का लक्ष्य पूर्णरूप से हासिल करने के रास्ते में कुछ अड़चनें हैं। 12वीं योजनावधि के अंत तक अखिल भारतीय स्तर पर बिजली की पीक डिमांड एवं ऊîर्जा की जरूरत को पूरा करने हेतु 12वीं योजनावधि (2012-17) के दौरान 90,000 मेगावाट से अधिक की क्षमता की वृद्धि किए जाने का आकलन किया गया है, जिसमें जलविद्युत का हिस्सा 30,000 मेगावाट है। 12वीं योजनावधि के दौरान होने वाली क्षमतागत वृद्धि में हमारी कंपनी की परियोजनाओं यानि रामपुर, देवसरी, जाखोल सांकरी, नैटवार मोरी एवं धौलासिद्ध की भी भूमिका है तथा हम इन परियोजनाओं को उम्मीद के मुताबिक कमीशन करने के प्रयास करेंगे तथा देश की उन्नति में आवश्यक योगदान देंगे।

आभार
अंत में, मैं निदेशक मण्डल के सभी सदस्यों , भारत सरकार, नेपाल सरकार, भूटान सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार, उत्तराखण्ड सरकार तथा सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी एजेंिसयों, निवेशकों, कर्मचारियों, वित्तीय संस्थाओं, ठेकेदारों तथा आपूर्तिकारों द्वारा प्रदत्त सहायता, मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।

सधन्यवाद
                                                                                                                                    भवदीय,

(आर.पी.सिंह )
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक

स्थान : शिमला
दिनांक : 26 अगस्त, 2011 

 

 

 

   

सर्वाधिकार सुरक्षित एसजेवीएन लिमिटेड